अमृत मिशन के पानी सप्लाई को लेकर निगम के अधिकारी कर रहे है पक्षपात की राजनीति ,नही मिल रहा लाभ

भेदभाव की राजनीति से कुछ कॉलोनी में पीने के पानी के लिए हो रही है परेशानियां
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। जिस अमृत मिशन योजना के पानी को लेकर शहर वासियों ने कई आंदोलन किया और उस योजना की अव्यवस्था को लेकर शहर भर में पूर्व में भारी हंगामा हुआ। उस अमृत मिशन के पानी को लेकर निगम के अफसरों एक बार फिर राजनीति शुरू कर दी है । अमृत मिशन के पानी को लेकर निगम के जिम्मेदार अधिकारी भेदभाव की राजनीति कर रहे है। सूत्रों की माने तो नगर निगम के जल विभाग अपनी खमियो को छुपाने के लिए पानी के प्रेशर का बहाना बना कर उन कई कालोनियों के अमृत मिशन के पानी का वाल बंद कर दिया है। जहां पहले से ही बोर लगे हैं और वहां सभी के घरों में पानी आये या न आये । बिना चेक किये अमृत मिशन के पानी को बंद कर दिया है। ऐसे में नगर निगम के जल विभाग के जिम्मेदार अफसर अपनी कारस्तानी और लापरवाही का ठीकरा भी निगम आयुक्त पर फोड़ रहे है। जबकि हकीकत ये है कि जिन जिन कालोनियों के अमृत मिशन के पानी को बंद कर दिया गया है। उन कालोनियों के कई घरों में पानी की भरी किल्लत बनी हुई है जो विडम्बना है।

गौरतलब है कि नगर पालिक निगम के कई वार्ड में पानी की समस्याएं सर चढ़कर शोर मचा रही है परंतु निगम के अधिकारी इस मामले में समस्या का समाधान करने की बजाय पानी की राजनीति कर रहे हैं। जो उन कॉलोनी के अमृत मिशन पानी का वाल बंद कर दिए हैं जहां पूर्व में बोर पंप लगा हुआ था । जबकि अमृत मिशन का पाइप लाइन विस्तार हुआ था तो उस दौरान या तो बोर पंप को बंद कर दिया गया था या पम्प को उखाड़ दिया गया था। इसे बहाना बनाकर नगर निगम के अधिकारी पानी की राजनीति कर रहे हैं और जिन कॉलोनी में अमृत मिशन का पानी किसी तरह पहुंच रहा है। उसे भी बोर पंप के नाम पर बंद कर दिया गया है ।जबकि कई लोगों के घरों में बोर का पानी तक नहीं पहुंचता है और वह अमृत मिशन के पानी पर ही निर्भर थे। इसलिए लिहाज से देखें तो नगर निगम का जल विभाग की मनमानी ने कई कालोनी वासी भारी परेशान है।
दो दशक से कुंडली मारे बैठा है
खास बात यह है कि अमृत मिशन हो या पम्प हाउस की जिम्मेदारी। नगर निगम में पिछले दो दशक से कुंडली मारे बैठे उसे व्यक्ति को पानी सप्लाई की कमान सौंप दी गई है जो शुरू से ही विवादित है । जबकि चुनाव से पूर्व 3 साल से जमे अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण कर दिया जाता है परंतु नगर निगम के जल विभाग में कई साल से अधिकारी कर्मचारी कुंडली ने मारे बैठा है जो पानी सप्लाई के अलावा कोई दूसरा काम करता ही नही है। उसे ही जिम्मेदारी दे देना विडंबना ही है।
दो तरफा राजनीति कर रहे अधिकारी
निगम सूत्रों की माने तो जल विभाग की कमान संभालने वाले अधिकारी दो तरफा बात कर रहे हैं। जो कभी कहते हैं कि अमृत मिशन का पानी उस क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा है जहां पानी का प्रेशर नहीं है और उन कॉलोनी का पानी बंद कर दिया गया है तो कभी कहते है बोर पम्प होने की वजह से अमृत मिशन का पानी बंद कर दिया गया है। जिसका कोई तुक ही नहीं है। यही नहीं इस मामले में जल विभाग के नुमाइशों कहते है कि यह सारा प्रपंच निगम के उच्च अफसरों का है जिसके इशारे पर किया जा रहा है।
दीनदयाल पुरम के बाशिन्दे हो रहे हैं इसका शिकार
वैसे तो दीनदयाल पुरम फेस 2 में हाउसिंग बोर्ड द्वारा पंप हाउस का निर्माण किया गया है परंतु अमृत मिशन के पाइपलाइन विस्तार के साथ ही निगम ने पंप हाउस को बंद कर दिया गया था । किंतु कॉलोनी सोसाइटी ने पम्प हाउस को चलाने की बात कहते हुए उसे अपने संरक्षण में ले लिया था । फिर जब भी बोर का पम्प खराब होता है तो उसका टिकरा भी कालोनी वासियो के सिर फोड़ दिया जाता है। ऐसे में बार-बार पंप हाउस का मोटर खराब होने की स्थिति में अमृत मिशन का पानी पर ही निर्भर होना पड़ता है जो फिलहाल एक साल से बंद है।
क्या कहते है जल विभाग के अधिकारी
निगमायुक्त के आदेशानुसार जिस जिस कालोनी में बोर पम्प लगे है। वहां के अमृत मिशन के पानी को बंद करने के आदेश है। इस लिए दीनदयाल पुरम फेस 2 कालोनी के पानी को बंद कर दिया गया है।
सूरज देवांगन
(कार्यपालन अभियंता प्रभारी अमृत मिशन )
नगर निगम
क्या है अमृत मिशन
अमृत मिशन यानी अटल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन मिशन, भारत सरकार की एक योजना है. इसका मकसद, चुनिंदा शहरों और कस्बों में बुनियादी ढांचे का विकास करना है. इस मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून, 2015 को की थी. इस मिशन के तहत, शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज, वर्षा जल निकासी, हरित क्षेत्र, पार्क, और गैर-मोटर चालित परिवहन जैसे क्षेत्रों में विकास किया जाता है।


