लोगन का मन बोले कुकडू कु…

मापदंड़ का अतापता नही और खुले में बिना ढके बिक रहे है मांसाहार फूड
स्तरहीन तेलो में ही तल भून कर परोस रहे है बिमारियां
कार्रवाही के नाम पर फिस्स्डी सिद्ध हो रहे है विभागीय अधिकारी
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। समय की रफ्तार के साथ अब लोग बाग शाकाहारी से कही अधिक मांसाहारी हो चुके है और कही भी 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक मे चिकन बिरयानी और शिक कबाब खा कर अपना पेट भर लेते है । यही वजह है कि चाइनिज फूड की तर्ज पर सड़कों पर बिकने वाले मांसाहार फूड शिक कबाब, रोस्ट, कलेजी जैसे अनेको खादय् पदार्थो का क्रेज कुछ इस कदर बढ़ चूका है कि शहर वासियों को जैसे इसके मापदंड़ से कोई लेना देना ही नही है। इसके कारण सड़कों के किनारे बडे आसानी से बगैर मापदंड़ के बिकने वाले इन मांसाहार फूड़ के विक्रेता किसी भी स्तरहीन तेल में तलकर ग्राहकों को परोस दिया जाता है और लोग बड़े चाव से खा भी लेते है। ऐसे में बिना ढ़के चायनिज फूड पर भिन्नभिनाते मक्खी मच्छर की बिमारियां शहर वासी खा जाते है। जबकि इस मामले में कार्रवाही के नाम पर आज तक न तो फूड़ एवं सेप्टी विभाग के अधिकारी इस मामले में कोई कार्रवाही करते है और न ही निगम / जिला प्रशासन को इनसे कोई लेना देना है। इस लिहाज से देखे तो इस तरह के खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं की संख्या दिनो दिन बढ़ रही है जो बगैर मापदंड के चिकन , शिक कबाब, रोस्ट और न जाने क्या क्या बेच देते है।
गौरतलब है कि हरी सब्जियों से लेकर ठेले ठप्पर लगाने वाले , चाट पकौडी बेचने वाले तथा यहां तक दूर दराज आने वाले कोचिये व्यपारी तक नगर निगम एवं खाद एवं सुरक्षा में मापदंडों का पालन करते है परंतु शहर के कोने कोने में बिक रहे चायनीज फूड एवं चिकन रोस्ट के दुकानदार मापदंडों का पालन नही करते है और स्तरहीन तेल में तल कर चिकन रोस्ट चिकन चिल्ली तथा सिंक कबाब भेज कर लोगो के सेहत से खिलवाड़ कर रहे है। जो आगे चल कर लोगो के बीमारियों का कारण बनते जा रहे हैं। जबकि जग जाहिर है कि खुले में बिकने वाले खाद्य समाग्रियां खाने से बिमारियां होती है और बिना ढके स्तर हीन तेलों में तले भूने समान बेचना भी नियम के खिलाफ है। इसके बाद भी न तो फूड़ एण्ड़ सेफ्टी विभाग की कार्रवाही नजर आती है और न ही सवेदनशील अधिकारियों को जैसे कोई इनसे लेना देना है।

