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जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम के चक्कर काट रहे है पिता पुत्री

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। आज के हाईटेक जमाने में जहां लोग बाग बच्चे के पैदा होने के साथ ही गर्भवती माता को अस्पताल से ही जन्म सर्टिफिकेट दे दिया जाता है परंतु अगर किसी तरह भूल चूक या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में देरी  हो गई तो नगर निगम के चक्कर करते-करते चप्पल भी घिस जाती है। कुछ ऐसे ही मामले में कया घाट निवासी दिलबोध सिदार अपने 10 वर्षीय बेटी के जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम के चक्कर काट कर थक गया है । जबकि हाल के दिनों में नगर निगम के अधिकारियों ने कांग्रेस शासन काल में घर पहुंच सेवा का दम भर रहे थे । जिसका यह खुला उदाहरण है की एक जन्म प्रमाण पत्र के लिए आदिवासी ग्रामीण का दीवाना निकल जा रहा है । यही वजह है कि शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर के लोगों तक पहुंचते पहुंचते उसका दम निकल जाता है।

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क्या कहते हैं एक बेटी का पिता

इस संबंध में घाट निवासी दिलबोध सिदार ने बताया कि उसकी बेटी ज्योति सिदार पांचवी पास करने के बाद छठवीं कक्षा में भर्ती हुई है जिसके सरकार से मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता है उसे बनवाने के लिए कई दिन पूर्व से दिया गया है परंतु संबंधित विभाग के अधिकारी उसे रोज आजकल के नाम पर चक्कर कटवा रहे हैं। 

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कर्मचारियों की लापरवाही 

खास बात यह है कि गरीब छात्र-छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप एक बड़े सहायता राशि सिद्ध होती है परंतु कुछ  कर्मचारियों की वजह से सरकार बदनाम होती है और छात्र-छात्राएं भी दस्तावेज के अभाव में छात्रवृत्ति पाने के लिए उपेक्षित रह जाते हैं।

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