कार्यक्रम

विदेशों में स्थानीय उत्पादों के निर्यात की व्यापक संभावनाएं-कलेक्टर

कलेक्टर श्री गोयल ने शासन की नीतियों का लाभ लेकर स्थानीय उत्पादों के निर्यात की दिशा में काम करने पर दिया जोर

उद्योग विभाग ने आयोजित की औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प योजना एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सफल क्रियान्वयन पर कार्यशाला

विषय विशेषज्ञों ने दी कई महत्वपूर्ण जानकारी

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। उद्योग विभाग द्वारा आज ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और औद्योगिक विकास नीति 2024-30 पर कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल ने इसकी अध्यक्षता की। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक प्रक्रियाओं को सुगम और सरल बनाना है। जिससे उद्योग और व्यापार के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को पूर्ण करने में कम से कम समय लगे। इसके लिए उद्योग विभाग अपने अधिकांश प्रक्रियाओं को ऑनलाइन कर रहा है।


उन्होंने स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों को आयात निर्यात के क्षेत्र में भी काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सही चैनल्स के ज्ञान और शासन की नीतियों का लाभ लेकर विदेशी बाजारों में स्थानीय उत्पादों का बड़ा बाजार तैयार किया जा सकता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यहां की इमली और चिरौंजी जैसे वनोपज की दुबई और यूएई में भारी मांग है। यहां के व्यापारी दूसरे प्रदेशों में अपना माल बेचते हैं। इसके बजाय यदि वैल्यू एडिशन कर सीधे विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाए तो कहीं ज्यादा मुनाफा होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग द्वारा विदेशों में एग्जिबिशन लगाया जाता है इसमें डेलिगेशन के रूप में शामिल होकर फॉरेन मार्केट की समझ बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने डायरेक्टर जनरल फॉरेन ट्रेड द्वारा ऑनलाइन कराए जाने वाले ‘निर्यात बंधु’ कोर्स का लाभ उठाकर एक्सपोर्ट इंपोर्ट से जुड़ी शासन की नीतियों और प्रदान किए जाने वाले लाभों के बारे में जानकारी लेने की बात कही।
उल्लेखनीय है कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30, रैम्प योजना एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सफल क्रियान्वयन एवं यूजर की जागरूकता हेतु इस क्लस्टर स्तरीय यूजर फीडबैक एवं सेन्सिटाइजेशन वर्कशॉप का आयोजन किया गया। रायगढ़ जिले के साथ ही सक्ती व सारंगढ़-बिलाईगढ़ के उद्योग अधिकारी व उद्योगपति भी उक्त कार्यशाला में शामिल हुए। स्वागत उद्बोधन  शिव राठौर संयुक्त संचालक, उद्योग संचालनालय द्वारा दिया गया। कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में अर्नेस्ट एंड यंग प्रोफेशनल रायपुर के प्रीतम तिवारी द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर शासकीय कार्यों व सुविधाओं के ऑनलाईन सिंगल विंडो सिस्टम व सुधारों पर विस्तृत जानकारी दी गयी। वर्कशॉप के दूसरे सत्र में अर्नेस्ट एंड यंग प्रोफेशनल तेजनारायण द्वारा रैम्प योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। कोविड-19 काल के दौरान उद्योगों को हुई असुविधाओं को दूर करने हेतु भारत सरकार की वल्र्ड बैंक के सहयोग से संचालित यह एक महत्वपूर्ण योजना है। कार्यशाला के तृतीय एवं अंतिम सत्र में  विश्वजीत सिंह, उपसंचालक उद्योग संचालनालय, रायपुर द्वारा औद्योगिक नीति 2024-30 पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। सत्र के समापन पर मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, रायगढ़ श्री एस.के.सिंह द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

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