वेदांता में 20 से अधिक मजदूरों की मौत , सुरक्षा पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजा की घोषणा
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर जहां पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। वही इस घटना से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। खास बात है कि कल दोपहर को वेदांत में बॉयलर में धमाका हुआ और चारों तरफ मजदूरों की लाश बिखर गई जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। यहां तक इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख जताया है और घायल तथा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है । सूत्रों के अनुसार घटना में अब तक 13 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस दर्दनाक हादसे के बीच एक जीवित बचे मजदूर ने सामने आकर उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बयां की है। मजदूर ने बताया कि धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, चारों तरफ आग और धुआं फैल गया, और हर ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।

ओपी जिंदल फोर्टिस में घायल मजदूरों के साथ आए हादसे में बचे मजदूर अजीत दास कर, पश्चिम बंगाल निवासी ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हम लोग यहां करीब एक महीने से काम कर रहे थे। वेदांता प्लांट में हमारा काम पेंटिंग का था। आज दोपहर करीब 2:30 बजे हम लोग लंच करके काम पर लौटे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ। ऐसा लगा जैसे कोई मिसाइल गिर गई हो। चारों तरफ धुआं ही धुआं फैल गया। अजीत ने आगे बताया कि हम लोग करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर काम कर रहे थे। धमाका होते ही मैं साइड में था और खुद को बचाने के लिए एक अलमारी के अंदर छिप गया। लेकिन मेरे साथ काम कर रहे कई मजदूर नीचे और जो कुछ लोग नीचे थे वो आग की चपेट में आ गए। उन्होंने कहा बताया कि जहां हादसा हुआ, वहां ऊपर और नीचे दोनों जगह मजदूर काम कर रहे थे। कुछ लोग नीचे करीब 9 मीटर की ऊंचाई पर थे। वो लोग बुरी तरह झुलस गए। हालात इतने भयावह थे कि नीचे मौजूद कई मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

मजदूर के अनुसार, घटना के समय बॉयलर 1 में करीब 40 से 50 मजदूर पेंटिंग का काम कर रहे थे। शुरुआत में हमें बताया गया कि 5 लोगों की मौत हुई है, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़ती गई। असल में कितने लोग प्रभावित हुए, इसका सही आंकड़ा बाद में ही सामने आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के बाद वेदांता प्रबंधन की ओर से एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, जिससे घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में प्रभावित होने वाले ज्यादातर मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ के ओपी फोर्टिस जिंदल अस्पताल में इलाज के दौरान 3 और मजदूरों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है। अब तक 26 से अधिक घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
