जलक्रिडा के दौरान मादा हाथी शावक की हुई मौंत

32 हाथियों का झूंड कर रहा था तालाब में जल क्रिडा
धर्मजयगढ़ वन मंडल की यह दुसरी बडी घटना है
इससे पहले हाटी बीट में हुई थी देड महीने के हाथी शावक की मौंत
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। हाथियों का स्वर्ग कहे जाने वाले धर्मजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज में एक बार फिर नन्हे शावक की तालाब में डूब कर मौंत हो गई। इससे पूर्व धर्मजयगढ़ वन मंडल के हाटी बीट में एक देड महीने के हाथी शावक की इसी तरह तालाब में डूब कर मौंत हो गई थी। जिसमें विभाग ने मामले की विवेचना करते हुए शावक का कफन दफन कर दिया था। इसके बाद यह दुसरी घटना है जिसमें फिर एक शावक की तालाब में डूब कर मौंत हुई है।
गौरतलब है कि कल सोमवार को धर्मजयगढ़ के छाल रेंज के पुरूंगा बीट में ग्राम जामपाली के एक तालाब में एक देड साल की मादा हाथी शावक की तालाब में डूब कर मौंत हो गई है। इसमें बताया जा रहा है कि छाल रेंज के पुरूंगा बीट में इन दिनों 32 हाथियों का दल विचरण कर रहे थे। इसमें से एक दल रविवार की रात ग्राम जामपाली के एक तालाब में नहा रहे थे। इसी दौरान हाथियों के बीच नन्ही मादा हाथी भी जल क्रिडा कर रही। मादा हाथी शावक उन हाथियों के बीच दब कर तालाब में डूब गई और दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को लगने पर तत्काल मौंके पर पहुँचे और हाथी शावक की लाश को तालाब से निकाल कर उसकी पोर्स्ट मार्टम पश्चात कफन दफन कर दिया गया है। इसमें डीएफओ अभिषेक जोगावत की माने तो मादा हाथी शावक के पेट मे पानी भर जाने से उसकी मौंत हूई है जो जल क्रिडा के दौरान डूब जाने से हुई है।



