राजनैतिक द्वंद में कही खोकर रह गया शहर की बहु प्रतिक्षित मांग चौपाटी स्थल

ब्रम्होस न्यूज रायगढ़। ज्वलंत मुददाओं में शूमार चौपाटी स्थल निगम की राजनीतिक द्वंद में कहीं खोकर रह गया है। जिसके निर्माण को लेकर कई बार प्रपोजल तो बनाया गया परंतु धरातल में आज तक नही उतर पाया है। खास बात यह है कि सवाल आज भी वही का वही है। कब बनेगा चौपाटी स्थल जहां लोग बाग जिदगी की भाग दौड से दूर सूकन के कुछ पल बिताया जा सके परंतु शहर वासियों का सपना फिलहाल एक सुनहरा सपना ही बन कर रह गया है जो न तो भाजपा सरकार में बन सका और न ही कांग्रेस की सरकार बना सकी। जिसका आज तक शहर में दूर दूर तक नामो निशान नही है।
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एक दशक पूर्व तात्कालिन कलेक्टर ने भी किया था प्रयास
खास बात यह है कि कई साल पूर्व तात्कालिन कलेक्टर डॉ राजू ने केलो नदी के किनारे मैरिन डाइव में चौपाटी स्थल बनाने का सपना देखा था और इसके लिये उन्होने प्रयास भी किया था परंतु उनके तबादले के बाद चौपाटी स्थल सपना आज पर्यान्त तक सपना ही बन कर रह गया ।
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सिचाई विभाग के भेंट चढ़ जा रहे है बहु प्रतिक्षित मांग
इस मामले को लेर कई साल बाद नगर निगम के कांग्रेसी शहर सरकार ने एक बार फिर चौपाटी स्थल के मुद्दा को हवा दी थी और शनि मंदिर मैरिन ड्राइव के राजमहल के पास केलो नदी के किनारे प्रकृति के मनोरम स्थल में चौपाटी स्थल बनाने का प्रस्ताव बनाया और बकायदा कांग्रेस शासनकाल में तकरीबन 2 करोड का प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा भी था परंतु हर बार की तरह इस बार भी सिचाई विभाग अडंगा डाल कर चौपाटी स्थल के निर्माण पर ग्रहण लगा दिया ।
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ट्रैफिक से मिल सक्ती है निजात
इस मामले में अगर नजर उठा कर देखे तो लगाता है कि प्रशानिक पहल से ट्रफिक की एक बडी समस्या हल हो सक्ती है। जिसमें शहर के भीतर कमला नेहरू उघान और उसके सामने लगने वाले ठेले खोमचे वालों की दुकानों को अस्थाई तौर पर ही केलो नदी के किनारे मैरिन ड्राइव में लगाने की अनुमती दे दी जाये तो शाम को कमला नेहरू उद्यान के सामने लगने वाले ट्रैफिक की भीड को कम किया जा सक्ता है। इससे निगम को भी राजस्व का लाभ मिलेगा ।
वर्सन
चौपाटी स्थल के निर्माण के लिए एक साल पूर्व प्रस्ताव बनाया गया था परंतु सिचाई विभाग ने आपत्ति दर्ज करा दी थी । इसके कारण फाइल रायपुर में ही अटक गई और अब तो सरकार भी बदल गई है ।
श्रीमति जानकी काटजू
महापौर नगर पालिक रायगढ़


