घरबार छोड़ना हठयोग है, कर्म करते योग मे रहना कर्मयोग है: बीके मंजू

प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे सतगुरु वार का भोग लगाया गया, कर्म करते परमात्मा की याद न भूले और याद करते कर्म न भूले यही श्रेष्ठ लक्ष्य है
ब्रह्मोस न्यूज बिलासपुर। प्रभु दर्शन भवन टिकरापारा मे सतगुरु वार का भोग परमात्मा को स्वीकार कराया गया। बीके मंजू ने कहा कि घरबार छोड़कर जंगल मे साधना करना हठयोग है। परमात्मा सभी मनुष्य आत्माओं के पिता है, इस नाते परमात्मा सहज मार्ग बनाते है। परमात्मा राजयोग सिखाते है। घर गृहस्थ मे रहते कर्म करते परमात्मा की याद मे रहना कर्मयोग है। कर्म करते परमात्मा की याद न भूले और याद करते कर्म न भूले यही श्रेष्ठ लक्ष्य है। मुख्य बात पवित्रता की है। आगे कहा कि जिस प्रकार अशुद्ध भोजन ग्रहण करने से शरीर बीमार हो जाता है उसी प्रकार अशुद्ध संकल्प भी आत्मा की शक्ति कम कर उसे भारी कर देता है। परमात्मा से प्राप्त मत मे अपनी मत मिलाना अर्थात मन बुद्धि से व्यर्थ संकल्प व विकल्प का अशुद्ध भोजन स्वीकार करना। इसलिए सब बोझ परमात्मा को देकर हल्के हो जाये तो ऊंची स्थिति का अनुभव कर सकेंगे। अंत मे सभी ने परमात्मा की याद मे भोग ग्रहण किया।




