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आक्रोश

कल 1अप्रैल को निकलेंगी आक्रोश रैली और होगा एसईसीएल का घेराव

एसईसीएल के कोरबा जिले सहित सभी क्षेत्रों के भूविस्थापित होंगे शामिल

उच्च न्यायालय के आदेशों से स्पष्ट है फर्जी नियम लगाकर शोषण कर रही एसईसीएल:- तिरिथ केशव अध्यक्ष सरईपाली परियोजना

ब्रह्मोस न्यूज कोरबा। रोजगार, मुआवजा, पुनर्वास से जुड़ी हुई विभिन्न मांगो को लेकर 1 अप्रेल को एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर महाघेराव और आक्रोश रैली कर सीएमडी दफ्तर का तालाबंदी का एलान किया गया है जिसमे कोरबा जिले के गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और कोरबा क्षेत्र के कोयला खदानों के अलावे रायगढ़ , चिरमिरी, बिश्रामपुर भटगांव , बैकुंठपुर , क्षेत्र से हजारों की संख्या में भूविस्थापित शामिल होंगे इसकी तैयारी के लिए सारे जगहों में बैठकों का दौर जारी है उक्ताशय की जानकारी आंदोलन के संयोजक और सराईपाली परियोजना क्षेत्र के अध्यक्ष तिरिथ केशव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी ।

भूविस्थापित नेता केशव ने बताया है कि विगत दिवस दीपका क्षेत्र अंतर्गत हरदीबाजार में खदानों से प्रभावित ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान व परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित की गई थी जिसमे भूविस्थापितों के अधिकारों के हनन और शोषण के खिलाफ में प्रस्ताव लिया गया और 1 अप्रैल को सीएमडी कार्यालय (एसईसीएल मुख्यालय ) में आक्रोश रैली करने तथा प्रदर्शन कर ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया है इस आंदोलन को कामयाब बनाने के लिए एसईसीएल के सभी क्षेत्रों से अपने अधिकार पाने के लिए भटक रहे लोंगो को एकजुट किया जा रहा है इस आंदोलन में कोरबा जिले कोयला खदानों के साथ ही अन्य एरिया से हजारों की संख्या में भूविस्थापितों की शामिल होने के लिए आव्हान किया गया है एसईसीएल हाईकोर्ट और जिला प्रशासन के आदेशों को मानने से इनकार करती रही है कोल इंडिया पालिसी से रोजगार में कटौती , मुआवजा में कटौती, जमीन को बंधक बनाकर रखने, आउटसोर्सिंग कंपनी में बाहरी लोंगो को भर्ती, स्थानीय ठेका कामगारों के सुविधा में कटौती , प्रभावित क्षेत्र के सामुदायिक विकास की अनदेखी , के खिलाफ संघर्ष छेड़ी जा रही है ।

उन्होंने कहा कि मेगा प्रोजेक्ट में बसाहट के एवज में बढ़ी दर से भुगतान किया जा रहा है और बाकी क्षेत्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है जिसे बर्दाश्त नही किया जा सकता इन सभी मांगो पर लंबे समय से क्षेत्रवार आंदोलन चलाया जा रहा अब सीधे मुख्यालय के सामने आर-पार की लड़ाई के लिए ज्ञापन दिया जाएगा और उसके बाद सभी क्षेत्रों के कोयला खदानों को एक साथ एक दिन से अनिश्चितकालीन बंद कराया जाएगा ।

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