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आंदोलन

अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने निकाल मशाल रैली,घेरा कलेक्ट्रेड

ब्रह्मोस न्यूज़ रायगढ़। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला रायगढ़ ने मिनी स्टेडियम में मशाल जलाकर मिनी स्टेडियम रायगढ़ से कलेक्ट रायगढ़ तक मशाल चेतना रैली निकालकर राज्य सरकार द्वारा मोदी की गारंटी लागू करने के बजाय मौन धारण करने पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सांकेतिक मशाल रैली निकाली। रैली में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला रायगढ़ से सम्बद्ध मान्यता प्राप्त एवं गैर मान्यता प्राप्त विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी गण सहित सैकड़ो की संख्या में कर्मचारियों अधिकारियों ने “झन करव इनकार हमर सुनव सरकार” आंदोलन के तृतीय चरण में जमकर प्रदर्शन किया । मशाल रैली मिनी स्टेडियम से निकलकर नारा लगाते हुए कलेक्ट्रेट प्रवेश द्वार तक पहुंचे जहां जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में डिप्टी कलेक्टर समीर बड़ा को फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा ।
उल्लेखनीय है कि फेडरेशन ने मोदी की गारंटी के क्रियान्वयन नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया था। जिसके अंतर्गत द्वितीय चरण में 20 से 30 अगस्त 2024 तक सांसदों एवं विधायकों को विज्ञापन द्वितीय चरण में, 11 सितंबर 2024 को जिला/ ब्लाक/ तहसील में सांकेतिक मशाल रैली तथा प्रदर्शन एवं चौथे चरण में 27 सितंबर 2024 को प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी सामूहिक अवकाश में रखकर कलम बंद काम बंद हड़ताल करेंगे।

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यदि सरकार ने मोदी की गारंटी पर क्रियान्वयन नहीं किया तो फेडरेशन अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान करेगा

फेडरेशन रायगढ़ से सम्बद्ध तमाम कर्मचारी अधिकारी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी की घोषणा हुई थी, सरकार बनने पर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केंद्र के समान डीए दिया जाएगा, लंबित एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाएगा, सहित अन्य तीन प्रतिबद्धताएं थी। लेकिन सरकार बनने के बाद से इनके क्रियान्वयन पर सरकार का मौन धारण करना कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बन गया है। फेडरेशन द्वारा लंबे समय से शासकीय सेवकों को केंद्र के समान गृह भाड़ा भत्ता, अर्जित अवकाश 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने जैसे मुद्दों सहित शासकीय सेवक कल्याण के अनेक मुद्दों पर राज्य सरकार को समय-समय पर ज्ञापन दिया गया है। लेकिन सरकार कर्मचारियों के मुद्दे को नजर अंदाज कर रही है।

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कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कि मांग
मोदी सरकार की गारंटी लागू करें
जब सरकार साय साय काम कर रही है तो कर्मचारी अधिकारी सड़कों पर क्यों कर रहीं है हाय हाय 
देश प्रदेश में जब एक सरकार तो नियम क्यों अलग अलग
केंद्र का डीए 53%जबकि राज्य दे रही है डीए 46%

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