अध्यात्म
मन को सदा मौज मे रखना- यही जीवन जीने की है कला है- मंजू

शिव अनुराग भवन राजकिशोर मे पाजीटिव थिंकिंग की क्लास
ब्रह्मोस न्यूज बिलासपुर। शिव अनुराग भवन राजकिशोरनगर में पाजिटिव थिंकिंग की क्लास चल रही है। बीके मंजू ने कहा कि एक परमात्मा को पाने के बाद और कुछ पाने की आश नही रह जाती।

इसका अर्थ यह नही है कि जीवन नीरस हो जाता है। परमात्मा द्वारा दिये ज्ञान के नशे मे सदा रूहानी मौज की अनुभूति कर सकते है। ज्ञान के एक एक बूंद के रस को पाकर बुद्धि पत्थर से पारस बन जाती है। उन्होंने आगे कहा कि राजयोग के अभ्यास से देहभान से मुक्त रहने का अनुभव कर सकते है। देहभान मे अशांति ही अशांति है। आत्मा का स्वधर्म शांति है। स्वधर्म मे टिकना अर्थात देहभान से मुक्त होना। मंजू दीदी ने बताया कि सहस्र ज्योतिर्लिंग की मनोरम झांकी श्रद्धालुओं के लिये खुला है।




