वार्ड नंबर 41 में आशा औऱ बिंदु आमने सामने,बागी को मिलेगा सबक

ये पब्लिक है बाबू सब जानती है ये पब्लिक है
चुनावी महासंग्राम में निर्दलीय और निष्क्रिय की क्या होती है अहमियत
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। वैसे तो पिछले 2 साल से पार्षद विहीन वार्ड नंबर 41 के टूरकु मुड़ा से लेकर सहदेव पाली तथा छातामुड़ा में समस्याओं की भरमार है और यही वजह है कि वार्ड नंबर 41 के वार्ड वासी अपने जनप्रतिनिधि को लेकर खासा नाराज नजर आते हैं परंतु राजनैतिक सूत्रों की माने तो वर्तमान में चल रहे निगम चुनाव में एक भाजपा समर्पित पटेल युवक को टिकट नहीं मिलने पर वह भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर एक निर्दलीय महिला प्रत्याशी ननकी किसान को चुनावी मैदान में उतार दिया है परंतु जग जाहिर है कि ग्रामीण क्षेत्र में नगर निगम जैसे चुनावी महासंग्राम में एक निर्दलीय और और निष्क्रिय जनप्रतिनिधियों की क्या अहमियत होती है। यह वार्ड वासी अच्छी तरह जानते हैं । इसका खामियाजा बगावत करने वाले बागी को जरूर देखने को मिलेगा है। जबकि दूसरी ओर एक गरीब परिवार से संबंध रखने वाले एक कारपेंटर की पत्नी भाजपा प्रत्याशी आशा खड़िया की जीत को लेकर वार्ड नंबर 41 में एक अलग ही लहर से चल रही है। बताया जाता है कि भाजपा से बगावत करने वाले युवक ने निर्दलीय प्रत्याशी का खेला वोट काटने के लिए किया है। जबकि इसका नगर निगम के चुनावी महासंग्राम में सच्चे और हितैषी प्रत्याशी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
ऐसे होगा वार्ड नंबर 41 में वोटो का खेला
खास बात यह है कि वार्ड नंबर 41 के टूरकुमुडा और सहदेव पाली में लगभग 800 नए वोटरों को मिलाकर तकरीबन 18 से अधिक सतनामी वोटर है। जबकि छातामुड़ा में नजर डाले तो वहां हजार से 11 सौ के आसपास वोट है। वह भी आशा खड़िया के फेवर में गिरने की बात कही जा रही है। इस लिहाज से देखे तो पहले दर्जे पर आशा खड़िया की जीत निश्चित नजर आ रही है। इस तरह लगभग वार्ड नंबर 41 में 3000 वोट का खेला होगा जिसमें भाजपा और कांग्रेस के बीच की आमने सामने मुकाबला नजर आ रहा है। इसमें कोई तो मत नहीं है कि निर्दलीय प्रत्याशी ननकी किसान का जमानत तक जप्त हो सकती है उसकी आशंका से इंकार नही किया जा सकता हैं।




