मकर संक्रांति को आज गुलजार रहे शहर के सभी बाग बगीचे और उद्यान

इंदिरा विहार कमला नेहरू गार्डन रोज गार्डन में देर शाम तक उमरती रही लोगों की भीड़
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। मकर संक्रांति हिन्दू धर्म मे एक ऐसी धार्मिक मान्यता जो हमारे सनातन धर्म में अनादि काल से चली आ रही है। जिसमें भगवान सूर्य धनु राशि से निकलकर जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इसे मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। और यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन श्रद्धालु लोग बाग अपने नाते रिश्तेदार एवं परिवार के साथ मंदिर में दान पुण्य करते हैं औरउल्लास के साथ मकर संक्रांति का उत्सव मनाते हैं। यही नहीं विद्वान पंडितों की माने तो इस साल की मकर संक्रांति विशेष है जो 144 साल के बाद अद्भुत एवं सुखद संयोग लेकर आया है। जिसमें साल 2019 में अर्ध कुंभ के बाद यह वर्ष में महाकुंभ का उदय हुआ है। बताया जाता है देवता और दानव में जब महासंग्राम छिड़ा था उसे दौरान अमृत की कुछ बूंदे पृथ्वी के उज्जैन प्रयागराज और कुंभ में गिरा था। इसके कारण आज भी कुंभ के मेले में सैकड़ो ऋषि मुनि एवं साधु सन्यासी महाकुंभ में स्नान करने आते हैं। इसके अलावा मकर संक्रांति का यह प्रथम शाही स्नान बताया जाता है। यही वजह है कि मकर संक्रांति के दिन लोग बाग नदियों में स्नान कर दान पुण्य करते है।
उमड़ती रही श्रद्धालुओं की भीड़
मकर स्नान एवं पूजा पाठ के बाद लोग बाग अपने सगे संबंधियों एवं परिवार के साथ मंदिरों में भगवान के दर्शन के लिए उमड़ पड़े थे। जिन्होंने दान पुण्य कर अपने को धन्य कर लिया।
गुलजार रहे शहर के बाग बगीचे एवं उद्यान
मकर संक्रांति को आज शहर के बाग बगीचे एवं उद्यान गुलजार रहे जिसमें लोग बाग अपने परिवार के साथ मकर संक्रांति का लुफ्त उठाते नजर आए इसमें खास कर शहर के भीतर मौजूद कमला नेहरू गार्डन रोज गार्डन एवं इंदिरा विहार में लोगों की अच्छी खासी भीड़ नजर आई।
स्नान-दान का बड़ा महत्व–पं.रवि भूषण शास्त्री

पंडरीपानी स्थित महालक्ष्मी मंदिर के संस्थापक ज्योतिष आचार्य पंडित रविभूषण शास्त्री ने बताया कि आज मकर संक्रांति के दिन स्नान दान पुण्य का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान पुण्य करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है। साथ ही व्यक्ति का भाग्योदय होता है। इस दिन सूर्य देव उत्तरायण की तरफ से मकर रेखा से उत्तर दिशा में आ जाते हैं।