घरघोड़ा सामारुमा के जंगल में 11 हजार वोल्ट करंट लगने तीन हाथियों की मौत

जिले के इतिहास में पहली बार घटित हुई एक साथ 3 हथियो कि मौत
हाथीयों के मौत का जिम्मेदार कौन? वन विभाग अधिकारीयों पर कब होगी कारवाई
ब्रह्मोस न्यूज घरघोड़ा/रायगढ़। घरघोड़ा से लगे जंगल सामारूमा तमनार वन परिक्षेत्र के कम्पाटमेंट 856 पीएफ में 3 हांथीयों की 11 केवी तार के करंट कि चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई है, इस क्षेत्र में लगातार हाथीयों का विचरण होता रहता है। दर्जनों हाथीयों का दल कई दिनों से इस क्षेत्र में होने की जानकारी के बाद भी वन अमला सोया हुआ है। लगातार हो रहे हाथीयों की मौत की जिम्मेदारी आखिर किसके ऊपर होगा? शासन हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है परंतु आज दो दशक बाद भी इस समस्या का हल नही निकला। वन विभाग की लापरवाही का ही परिणाम है कि क्षेत्र में मानव हाथी द्वद से ग्रामीण क्षेत्र में हमेशा दहशत फैली रहती है । जबकि वन्य जिवों की जिम्मेदारी उठाने वाले अपने विफलता की नव गाथा गढ़ रहे हैं।
इन हाथीयों की हुई मौत
जानकारी अनुसार करेंट से 1 बड़े मादा हांथी, 1 युवा नर व 1 शावक हाथी की मौत हो गई है।

करवाई की मांग
घटना लगभग 24 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। रायगढ़ डीएफओ , एसडीओ फारेस्ट के.पी.डिंडोरी घरघोड़ा रेंजर ज्योति गुप्ता के साथ क्षेत्र के घरघोड़ा तमनार अमला मौके पर मौजूद है। क्षेत्र में सैकड़ों हाथियों का दल विचरण कर रहा है, यह हाथी प्रभावित क्षेत्र है आपको बता दे वन विभाग की घोर लापरवाही से लगातार हाथीयों की मौत की खबर मिलती रहती है। वन विभाग के उपर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ब्लॉक पर्यावरण अध्यक्ष सोमदेव मिश्रा ने कड़ी कार्रवाई की मांग किया है साथ ही कांग्रेस व भाजपा के नेताओं ने इस घटना पर एक स्वर में कड़ी कार्रवाई करने मांग शासन से किया है।
हकीकत का आईना
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आकर न जाने कितने हांथीयों की मौत हो चुकी है परंतु इस बार रायगढ़ जिले की इतिहास में पहली बार करंट के चपेट में आकर एक साथ तीन-तीन हाथियों की मौत हो गई है जो अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस मामले में जहां बिजली विभाग दोषी सिद्ध हो रहा है वही इससे अधिक रायगढ़ में वन मंडल के उच्च अधिकारी एवं क्षेत्राधिकार भी उतने ही अधिक दोषी हैं जो इन हाथियों पर नजर रखने के नाम पर अपने आलीशान क्वार्टर में चैन की बंसी बजाते नजर आते हैं । जबकि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ जब-जब उंगली उठी। उच्च अधिकारियों का संरक्षण वरदान बनकर ऐसे लापरवाह अधिकारियों को अपने छत्रछाया में ले लिया। यही वजह है कि पांच पर्व दीपावली के 5 दिन पहले आज तीन-तीन हाथियों की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई । जिसे लेकर रायगढ़ मंडल के डीएफओ सहित वन परिक्षेत्र अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और अपनी जांच शुरू कर दी है।
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