विभागीय राजनीति

डर्टी राजनीति नें स्कूल को बना दिया अफसर शाही राजनीति का अखाड़ा

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। किसी ने सच कहा है वक्त हालात और किस्मत के आगे किसी का कोई बस नही चलता परंतु आज के परिवेश में जिस तरह हर तरफ राजनीति का बोलबाला है जिसमे ईमानदारी भी जैसे पीस कर रह जाती हैं। चाहे वह राजनैतिक गलियारों से निकलकर आए फरमान हो या फिर विभागीय अफसर की अफसर शाही राजनीति। ऐसे ही एक मामले में रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक में स्थित शाउ मा शाला लारीपानी  स्कूल में इन दिनों एक अजीबो गरीब राजनीति हावी है। जहां खरसिया से ट्रांसफर होकर आए एक महिला शिक्षिका को ईमानदारी से काम भी नही करने दिया जा रहा । सूत्रों की माने तो महिला शिक्षिका को काम नहीं करने देने के लिए जिला शिक्षा विभाग के दो चाहते अफसरो के आदेश पर स्कूल के हाजरी रजिस्टर तक छुपा दिये जाने का आरोप है। ताकि उसे गैर जिम्मेदाराना तथा अनुपस्थिति दर्शाकर विवादित किया जा सके।

इस मामले में सूत्रों की माने तो उक्त शिक्षिका की शिकायत पर जिला शिक्षा विभाग के बड़े अफसर भी कार्यवाई नही करते और उल्टा उसे ही कसूरवार साबित करने पर तुले  नजर आते हैं। यही नही बताया यहाँ तक जा रहा है कि महिला शिक्षिका की कोई भी बात सुनी नहीं जाती है। ऐसे में उसे ही गलत साबित करने के लिए जिला शिक्षा विभाग के दो अफसर स्कूल के कर्मचारियों से मिलकर एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है। ऐसी स्थिति में शिक्षा का मंदिर कहे जाने वाले स्कूल में पढ़ाई लिखाई कैसे होगी जहां विभाग के अफसर ही शिक्षिका को विवादित करने और स्कूल में अपनी मनमानी करने के किये विभागीय डर्टी राजनीति का गोटा गणित लगा रहे हो।  वहां पढ़ाई का स्तर क्या होगा। यह आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।  बताया यह भी जाता है कि विभाग के इस डर्टी राजनीति में जिला शिक्षा विभाग के उच्चाआसन पर बैठे अधिकारी भी  वहां के हालात का लुप्त उठाते हुए जैसे हाँथ सेकते नजर आते है। 

परीक्षा के अंकों में होती है यहां हेरा फेरी

इस मामले में जानकारी अनुसार स्कूल के 10 वी 12 वी प्रयोगिक परीक्षा के अंकों में गड़बड़ी कर देने की धमकी दी जाती है और हेराफेरी कर दुबारा परीक्षा लिया जाता है। बाद में  दोबारा अंक  भर दिया जाता है। जो छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के आदेशों की खुले आम उल्लंघन किया जा रहा है। 

फेल्वर विद्यार्थियों को नही दी जा रही एडविशन

शिकायत की माने तो स्कूल में छात्रों की दर्ज संख्या को बढ़ाने की बजाय घटाया जा रहा है। स्कूल में फेल हुए बच्चों को दूसरे सत्र में यह बोल कर नही लिया जा रहा कि तुम फेल हो गए हो इस बार फिर फेल हो जाओगे। बताया यह भी जा रहा है कि बच्चों के रिजल्ट में चरित्र खराब लिखने की धमकी दी जाती है। इसमे उच्चस्तरीय जांच हो तो बड़े अधिकारियों की पोल खुल सकती है। इसकी आशंका से इंकार नही किया जा सकता।

शिकायत बन गई मुसीबत

मैं रोज स्कूल जाती हूं और पढ़ाने जाती हूं लेकिन उपस्थिति पंजी छुपा दिया जाता है। और ये हालात अभी क्यो सामने आ रहा है। पहले तो नही होती थी। दर असल 10 वी एवं 12 वी बोर्ड एग्जाम के जो ऑन लाइन एंट्री होती है उसमें गड़बड़ी कर दिया गया था। उसकी शिकायत कर देने से मुझे टारगेट किया जा रहा है और मुझे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। 

पूर्णिमा अनंत 

व्यख्याता एल बी अंग्रेजी

क्या कहते है अधिकारी

लारी पानी स्कूल की कुछ शिकायते मिली है। उसमें 3 सदस्य जांच टीम गठित की गई है। इसमे जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है। इसमे टीचर के बारे में स्कूल के बच्चों से भी बात की गई है।जिसमें बच्चों का कहना है कि टीचर पढ़ती ही नही है। अभिभावक भी आये थे शिकायत लेकर । 

डॉ. के वी राव 

जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़

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