IMG-20260124-WA0020
CRIME

पत्नी की हत्या कर पति झूल गया  फांसी के फंदे पर

ब्रह्मोस न्यूज़ रायगढ़ । मानसिक रूप से बीमार एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर इस कमरे में फांसी का फंदा लगाकर झूल गया । इस मामले में पुलिस ने मृतक पति के खिलाफ जुर्म पंचायत के मामले को विवेचना में लिया है दरअसल घटना कल घरघोडा थाना क्षेत्र के कुडुमकेला नवाडीह गाँव में घटित हुई है। इस मामले में पुलिस ने बताया कि एक दंपत्ति का शव उनके घर कमरे में पड़े होने की सूचना घरघोड़ा पुलिस को मिली। जांच में महिला के पति ने पत्नी की हत्या कर फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने के सबूत मिले है। पुलिस ने बताया कि मृतक पंचराम मांझी (40 वर्ष) ने 11 अगस्त की शाम से 12 अगस्त की सुबह के बीच अपने घर के बंद कमरे में अपनी पत्नी धरम कुमारी मांझी (34 वर्ष) की टांगी से गला काटकर हत्या कर दी और आरोपी ने उसी कमरे में म्यार से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना की सूचना पंचराम मांझी की माँ श्रीमती पवित्र कुंवर मांझी (76 वर्ष) ने पुलिस को दी। उन्होंने बताया कि घटना के वक्त उनके दोनों नाती रविनंद मांझी (12 वर्ष) और गंगा प्रसाद मांझी (5 वर्ष) उनके साथ थे। सुबह रविनंद ने अपनी माँ को मृत हालत में देखा और अपने पिता को फांसी पर लटका पाया।

पवित्र कुंवर मांझी के अनुसार, उनका बेटा पंचराम मांझी पिछले तीन वर्षों से मानसिक रूप से बीमार चल रहा था और संभवतः इसी कारण से उसने यह घातक कदम उठाया। 

  पुलिस ने  मामले में मर्ग  कायम कर  मृतक  पंचराम मांझी के खिलाफ जुर्म पंजीबद्ध कर धारा 103(1) बीएनएस दर्ज किया गया है ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected....
Latest
77वें गणतंत्र दिवस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने फहराया तिरंगा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मना रहे हैं शताब्दी वर्ष, उत्सव लोगन का मन बोले कुकडू कु... आज बुधवार को मेडिकल बोर्ड कैम्प में आँख का भी होगा जांच मनरेगा के हक के लिए सड़कों पर उतरी कांग्रेस सादगी, सेवा और श्रद्धा के साथ महापौर जीवर्धन चौहान ने मनाया जन्मदिन महापौर ने किया छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेशनर कल्याण संघ के वार्षिक कैलेण्डर का विमोचन नाक के नीचे उगल रहा काला ज़हर शिव शक्ति प्लांट बेलगाम - बजरंग अग्रवाल प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 29 हितग्राहियों को मिली प्रथम किस्त धर्मेंद्र का निधन हिन्दी सिनेमा के एक युग का अंत - ओपी चौधरी