राजनीति के जरिए जन कल्याण करने वाले नायक देवेंद्र प्रधान का निधन अपूरणीय राजनैतिक क्षति-अरुण धर दीवान

जिला अध्यक्ष ने कहा ओडिसा में भाजपा को फर्श से अर्श तक पहुंचाने समर्पित रहा प्रधान जी का जीवन
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रधान के निधन पर शोकाकुल जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान के कहा उनका निधन भाजपा के लिए अपूरणीय राजनैतिक क्षति है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पिता डॉ. देवेंद्र प्रधान पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रहे। ओडिसा में भाजपा को फर्श से अर्श में पहुंचाने के लिए उनका पूरा जीवन समर्पित रहा।जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धर दीवान ने उनके जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए कहा डॉ. देवेंद्र प्रधान का जन्म 16 जुलाई 1941 को हुआ था। चिकित्सा के क्षेत्र में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की और 1966 में एससीबी मेडिकल कॉलेज, कटक से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उन्होंने तालचेर में एक मेडिकल अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। हालांकि, सामाजिक सेवा और कृषि के प्रति उनके गहरे लगाव के कारण उन्होंने सरकारी सेवा छोड़कर जनकल्याण के कार्यों को अपना जीवन समर्पित कर दिया। 1983 के दौरान भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर उन्होंने अपना राजनैतिक जीवन सफर की शुरुआत की। डॉ. प्रधान भाजपा के ओडिशा में विस्तार के प्रमुख रणनीतिकारों में एक रहे।
1983 में ही तालचेर मंडल के अध्यक्ष बने, जहां वे 1985 तक कार्यरत रहे। उनकी चुनावी राजनीति में शुरुआत 1984 में देवगढ़ लोकसभा सीट से हुई। हार का सामना करने के बाद भी वे राजनीति में सक्रिय रहे और 1985 में अविभाजित ढेंकानाल जिला भाजपा के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। 1988 से 1993 और फिर 1995 से 1997 तक वे लगातार तीन बार भाजपा के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान, उन्होंने राज्य में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के लिए व्यापक प्रयास किए। 1991 और 1996 के लोकसभा चुनावों में हार के बावजूद, 1998 के आम चुनावों में उन्होंने देवगढ़ संसदीय सीट से जीत दर्ज की। इस जीत के बाद, उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया। 1999 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने फिर से देवगढ़ सीट से जीत दर्ज की और वाजपेयी सरकार में सड़क परिवहन और कृषि मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण नीतियां बनाई गईं।2001-02 में वे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने। वे ओडिशा भाजपा के लिए एक प्रमुख मार्गदर्शक बने रहे। उन्होंने एक मार्गदर्शक के रूप में पार्टी की नीतियों और रणनीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। दीवान ने देवेंद्र प्रधान के निधन पर अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मृत आत्मा को परमात्मा चरणों में स्थान मिलने की प्रार्थना की है।




