26 जनवरी केवल एक तारीख नहीं अपितु यह हमारे देश की आत्मा है- प्रो.डी.एस.ठाकुर

सेवा निर्वित प्रो. डी. एस. ठाकुर ने अभिनव हाई स्कूल हीरानगर (मिट्ठू मुडा ) रायगढ़ में गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण किया
ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। 26 जनवरी को रायगढ़ के हीरानगर (मिट्ठूमुड़ा) स्थित अभिनव हाई स्कूल में सेवानिर्वित प्रो. डी. एस. ठाकुर, नगर के ख्यातिलब्ध पखावज वादक देव लाल देवांगन एवं राजेश्वर सिंह गौतम के आतिथ्य, व्यस्थापक भेषज प्रताप सिंह ठाकुर एवं प्राचार्य श्रीमती मीना ठाकुर की उपस्थिति में ध्वजारोहण का कार्यक्रम सानंद संपन्न हुआ | सर्व प्रथम मुख्य अतिथियों को विद्यालय के स्काउट ग्रुप द्वारा परेड के साथ मंच ले जाया गया। इस दरमियान विद्यार्थियों द्वारा लगातार पुष्पों की वर्षा की गई | तत्पश्चात अतिथियों द्वारा भारत माता एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र में धुप-दीप, अगरबत्ती, पुष्पमाला एवं श्रीफल अर्पित कर ध्वजारोहण किया गया।

मुख्य अतिथि प्रो.डी एस. ठाकुर ने अपने संबोधन में कहे कि मैं 76 वें गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक और पावन पर्व में इस विद्यालय मे उपस्थित होकर अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। अपने संबोधन में अपने संस्मरण को बताया कि वे 76 गणतंत्र वर्ष के स्वयं गवाह हैं। आज का यह दिन 26 जनवरी 2025 एक तारीख नहीं है यह हमारे देश की आत्मा हमारे संविधान और हमारे गौरवशाली गणतंत्र का प्रतीक है। यह दिन हमें स्मरण कराता है उस संघर्ष त्याग और बलिदान की जिसने हमें एक स्वतंत्र, संप्रभु और लोकतांत्रिक भारत का उपहार दिया। गणतंत्र दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं है। यह आत्म निरिक्षण और संकल्प लेने का दिन है, इसी सन्दर्भ में उन्होने कहा कि डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी ने कहा था “सपने वो नहीं जो इसे सोते हुये देखते हैं, सपने वह है जो हमें सोने नहीं देते” । हमारा संविधान केवल अधिकार ही नहीं देता बल्कि कर्तव्य भी सिखाता है। यह हमें सिखाता है कि हम अपनी आजादी की कद्र करें और हर वह प्रयास करें जो हमारे देश को सशक्त बनाये।
कार्यक्रम के अगले चरण में स्कूल के विद्याथियों एवं शिक्षिकाओं द्वारा स्वागत गान और कविता पाठ प्रस्तुत किया गया तथा विद्यार्थियों ने कलात्मक पी.टी. प्रस्तुत किये । कार्यक्रम का समापन में समस्त विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को प्रसाद और मिठाई वितरित किया गया।
आमंत्रित अतिथि गण मे राहुल सिंह ठाकुर, शारदा ठाकुर, तुषार सिंह गौतम, अद्विक सिंह गौतम, मान्या सिंह एवं राज कुमारी के अलावा इन शिक्षकों / शिक्षिकाओं की उपस्थिति रही। जिनमे आशीष हीरा, श्रीमती शारदा ठाकुर, वंदना सिंह गौतम, माधवी सिंह, उमा यादव, रेखा श्रीवास, कामिनी चौहान, छाया इजारदार, सरिता यादव, मोनिका सिंघल, बबीता गुप्ता, सुनीता श्रीवास, मुस्कान रात्रे, पूजा सिदार, रुचिका यादव, श्रीति महंत, पीली बाई, प्रियंका चौहान, दिलेश्वरी बरेठ के नाम उल्लेखनीय है।



