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जांच

एक दर्जन से अधिक उद्योगों की जांच करने रायगढ़ पहुँची  एनजीटी की पांच सदस्यीय टीम

बजरंग अग्रवाल से मुलाकात कर लिया पूरा ब्योरा, जांच के बाद एनजीटी को सौंपा जाएगा जांच रिपोर्ट,

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। शहर के आम जनता के सेवक एवं पर्यावरण मित्र कहे जाने वाले बजरंग अग्रवाल के द्वारा बीते माह एनजीटी में एक शिकायत दर्ज कराया था। जिसमे उन्होंने प्रदूषण फैलाने, गलत ईआईए रिपोर्ट पेश कर जनसुनवाई, 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित न करने और फ्लाई ऐश के निपटान को लेकर शिकायत दर्ज कराया था। एनजीटी की पहली सुनवाई में उन्होंने स्वयं पैरवी किया। इसके बाद अब 5 सदस्यीय टीम रायगढ़ पहुंची और बजरंग अग्रवाल से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा किया।
बजरंग अग्रवाल ने बताया कि 5 सदस्य एनजीटी की टीम दर्ज कराई गई शिकायत की जांच के लिए पहुंच चुकी है और सर्वप्रथम टीम में द्वारा उनका बयान दर्ज किया गया।

इन उधोगों की होगी जांच

एनजीटी में की गई शिकायत की कॉपी लेकर संबंधित उद्योगों की जांच के लिए टीम रवाना हुई यह उद्योग शिव शक्ति स्टील मां शाकंभरी स्टील मां मंगला इस्पात महावीर कल एवं पावर लिमिटेड एनटीपीसी लारा नवदुर्गा फ्यूल बीइस इस्पात श्याम इस्पात अदानी पावर अंजनी स्टील स्कैनिया स्टील एवं रायगढ़ इस्पात सेलेनो स्टील इन उद्योगों के द्वारा भारी मात्रा में फ्लाई ऐश की अवैध डंपिंग एवं 33% जमीन नहीं छोड़ने की जांच एनजीटी की टीम करेगी और रायगढ़ में प्रदूषण नापने के तीन स्टेशन और बनाए जानकारी टीम द्वारा दी गई।

बजरंग अग्रवाल ने बताया की उन्होंने दो बिंदुओं पर एनजीटी में शिकायत की थी पहला ग्रीन बेल्ट विकसित करने 33 प्रतिशत जमीन किसी के द्वारा नहीं छोड़ी जाती और प्रदूषण नियंत्रण के नियमों की अनदेखी की जाती है। दूसरा जो जिले की सबसे बड़ी विकराल समस्या फ्लाई ऐश के निपटान की है। उद्योगों के द्वारा फ्लाई ऐश को जहां तहां डंप कर दिया जा रहा है जिसकी वजह से पर्यावरण में काली डस्ट बढ़ गई है। उन्होंने उद्योगों से निकलने वाली फ्लाई ऐश की 10 साल की पूरी ऑडिट किए जाने की मांग की गई। बजरंग अग्रवाल की दोनों मांग पर एनजीटी की टीम द्वारा उन्हें आश्वस्त किया गया है कि जांच कर पूरी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी। एनजीटी की ओर से पहुंची जांच दल को उद्योगों में 33 प्रतिशत जमीन छोड़कर उस पर पौधरोपण कर हरियाली लाने की मंशा पर भी जिले के स्थापित उद्योग प्रबंधनों द्वारा ग्रीन बेल्ट विकसित किया गया है। बजरंग अग्रवाल द्वारा एनजीटी से सभी उद्योगों की 33 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट के छोड़ी जाने वाली भूमि का सीमांकन करने की भी मांग की गई है। बजरंग अग्रवाल ने रायगढ़ जिला कलेक्टर से भी निवेदन किया है कि ऐसे प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ करवाई करवाने का कष्ट करें अब चुपचाप बैठने से जनता का अहित हो रहा है एवं रायगढ़ पर्यावरण विभाग पैसों में बिका हुआ है उनके द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी जिला कलेक्टर से मांग की तत्काल एक टीम बनाकर सारे उद्योगों की जांच करवरकर प्रदूषण के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें एवं बजरंग अग्रवाल ने तत्कालीन मंत्री ओपी चौधरी से भी निवेदन किया है कि रायगढ़ में सभी उद्योगों की जांच  करवाई करवाने का कष्ट करें।

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