कृष्ण भक्ति में लीन हुईं चंद्रपुर की महिलाएं…

श्री गोपाल जी मंदिर में तीसरे वर्ष हुआ शरद पूर्णिमा उत्सव, आधी रात को महाआरती कर खीर का लगाया भोग
ब्रह्मोस न्यूज चंद्रपुर। मां चंद्रहासिनी की धार्मिक नगरी चंद्रपुर में रविवार, 25 अक्टूबर की रात श्री गोपाल जी मंदिर परिसर में मातृशक्ति दुर्गावाहिनी ने शरद पूर्णिमा उत्सव मनाया। रात 9 बजे शुरू हुए इस आयोजन में नगर की महिलाओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर ब्रज की परंपरा के अनुरूप रास उत्सव मनाया। गोपियों के स्वरूप में सजी महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को केंद्र में रखकर रास गीतों पर नृत्य किया। आधी रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की गई और खीर का भोग लगाया गया।

मातृशक्ति दुर्गावाहिनी की अध्यक्ष श्रीमती रीता साहू ने बताया कि संगठन की ओर से लगातार तीसरे वर्ष शरद पूर्णिमा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना और महिलाओं को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़ना है। कार्यक्रम में नगर की महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन मातृशक्ति ने रास गीतों पर नृत्य कर उत्सव को भक्तिमय बना दिया श्री गोपाल जी मंदिर परिसर में आयोजित उत्सव में भगवान श्री राधा-कृष्ण का पूजन करने के बाद रास कार्यक्रम शुरू हुआ। भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह को बीच में स्थापित किया गया। इसके बाद महिलाओं ने गोपियों के स्वरूप में रास गीतों पर नृत्य करते हुए भगवान की परिक्रमा की। पूरे आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। मध्यरात्रि में महाआरती के बाद भगवान को खीर का भोग अर्पित किया गया। विश्व हिंदू परिषद के नगर उपाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संचालक लोकेश मिश्रा ने बताया कि मातृशक्ति दुर्गावाहिनी समूह की ओर से हर महीने शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को श्री गोपाल जी महाप्रभु मंदिर में पुष्पवर्षा का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा श्रीरामनवमी शोभायात्रा, श्री राधा-कृष्ण युगल जन्मोत्सव सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में भी संगठन की सक्रिय भागीदारी रहती है। उन्होंने बताया कि इन आयोजनों के माध्यम से धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। शरद पूर्णिमा उत्सव में नगर की बड़ी संख्या में मातृशक्ति शामिल हुई। भगवान श्री राधा-कृष्ण की आराधना, रास नृत्य और महाआरती के साथ कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।




