अनुकरणीय पहल

आदिवासी समाज के विकास को लेकर अजजा आयोग के अध्यक्ष से मिले धरमजयगढ़ के समाज प्रमुख

छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था सुधारने और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने की उठी मांग
छाल : छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी एवं उपाध्यक्ष एम.डी. ठाकुर के रायगढ़ आगमन पर सर्किट हाउस में समाज प्रमुखों एवं प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाज प्रमुखों ने आयोग के पदाधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर आदिवासी समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में आदिवासी समाज की पारंपरिक रूढ़ि-प्रथाओं, रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया गया। समाज प्रमुखों ने कहा कि आदिवासी समाज की विशिष्ट पहचान उसकी परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों में निहित है। इसलिए आने वाली पीढ़ियों तक इन परंपराओं को सुरक्षित पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
इसके साथ ही समाज के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा एवं रोजगार के माध्यम से आदिवासी समाज के युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि समाज के सभी वर्गों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके। सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत बनाने के लिए भी समाज प्रमुखों ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
धरमजयगढ़ क्षेत्र की समस्याओं और मांगों से आयोग को कराया अवगत
बैठक के दौरान धरमजयगढ़ क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दों को आयोग के समक्ष प्रमुखता से रखा गया। इनमें छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार और नए छात्रावास खोलने की मांग विशेष रूप से शामिल रही।
नए छात्रावास खोलने की मांग: धरमजयगढ़ विकासखंड के अंतर्गत संचालित विभिन्न छात्रावासों की बदहाल व्यवस्था एवं विद्यार्थियों को होने वाली समस्याओं की ओर आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया गया। साथ ही क्षेत्र में आवश्यकता के अनुरूप नए छात्रावास खोलने की मांग रखी गई, ताकि आदिवासी विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें और उनकी पढ़ाई में आने वाली बाधाएं दूर हों।
भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव: धरमजयगढ़ स्थित बिरसा मुंडा चौक पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित करने तथा चौक का सौंदर्यीकरण कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। समाज प्रमुखों ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन, संघर्ष और बलिदान आदिवासी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी प्रतिमा स्थापित होने से क्षेत्र में उनके आदर्शों और योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात में सर्व आदिवासी समाज के धरमजयगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष महेन्द्र सिदार सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाज प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने आयोग के पदाधिकारियों के समक्ष समाज की समस्याओं और आवश्यकताओं को रखते हुए उनके निराकरण की दिशा में सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

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