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समस्या

निगम के नये दुकानों में लगेगा मरम्म्त का लेप तभी लेंगे हैंडओवर

क्या अब चमकेंगें निगम के 24 दुकानों का भाग्य,
चुनावी डुगडुगी बजने से पूर्व हो चूका है आबंट
मुलभूत सुविधाओं के अभाव में नही ले रहे है हितग्राही हेंड़ओवर

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। लाखों रूपये की लागत से निर्मीत नगर निगम की 24 दुकानों का मामला अब तक लटका हुआ है। इन दुकानों का भाग्य उदय ही नही हो पा रहा है। दुकानों में बिजली पानी के मुलभूत सुविधाओं का अभाव होने के कारण हितग्राही हेंड़ ओवर ही नही ले रहे है। खास बात यह है कि दुकानों के आबाद नही होनें के कारण उसकी हालत खराब होते जा रही है और अब जर्जर होने की स्थिती निर्मीत हो गई है। अगर यही हालात रही तो निगम को एक्स्टा खर्च का बड़ा झटका लग सक्ता है।


गौरतलब है कि जब से केलो नदी के किनारे नगर निगम नें 24 दुकानों का निर्माण किया है। तब से दुकानों के आबंटन को लेकर कोई न कोई अडचन आ ही रही है। इसमें पहले स्वामित्व को लेकर नजूल विभाग ने अडंगा डाल दिया और बाद में किसी तरह स्वामित्व के मापदंड़ को हटाकर कर वार्षीक दर से किराये पर देने की रजा मंदी हुई और दुकानों को अबंटन किया गया। उसमें अब मुलभूत सुविधाओं को लेकर फिर पेंच फंस गया है। इसमे फिलहाल हितग्राहियों ने मूलभूत सुविधा बिजली पानी नही होनें के कारण हेंड़ हओवर नही ले रहे है और दुकानों को मरम्मत कराने की बात ही जा रही है।

नया दुकान में अब लेप का खर्चा
खास बात यह है । 03लाख 60 हजार रूपये केे प्रति दुकानों हिसाब से एक साल पूर्व कांग्रेसी शहर सरकार ने दुकानों को बना कर प्रॉफिट कमाने का सपना देखा था परंतु बिना सोचे समझें विभागिय अनुमति के निर्माण करा दिया था। इसके कारण दुकानों के आबंटन को लेकर मामला लटक गया और अब में बड़े दिक्कतों के बाद दुकानों का वार्षीक किराये के करार पर आबंटन हुआ जिसमें अब नये दुकान में मूलभूत सुविधाओं का टोटा और उसमें मरम्मत का अतिरिक्त खर्चा निगम के अधिकारियों की दूरर्दशिता पर उंगली उठा रही है।

बड़ा सवाल क्या रदद होगी इनकी आबंटन

बड़ा सवाल यह है कि इस दुकानोें में पूर्व कार्यकाल में एक एलडरमेन तथा दो पार्षदों ने अपने परिजनों के नाम पर दुकान लिये जाने की बात ही जा रही थी जिसमें क्या जांच होगी अथवा उन दुकानों के आबंटन को रदद किया जायेगा।

अधिनियम 1956 की धारा 80 का उपयोग
केलो नदी के किनारे बनाये गये 24 दुकानों को नगर निगम के जन प्रतिनिधियों ने नगर पालिका निगम अधिनियम 1956 की धारा 80 का उपयोग करते हुए 3 साल की लीज पर ऑफर दर की स्वीकृती दिया गया था।

दुकानों की हालत हो रही है खराब

नगर निगम द्वारा निर्मीत 24 दुकानों की हालत भी अब खराब होने लगी है। वहां असमाजिक तत्वों ने दुकानों के न सिर्फ शटरों को उखाड कर ले गये बल्किी वहां रात के अंधेरे में शराब खोरी होने की आशंका से भी इंकार नही किया जा सक्ता।

वर्सन
24 दुकानों के मामले में हितग्राही दुकानों में मूलभुत सुविधा नही होने के कारण हेंड़ ओवर नही रहे रहे है। इसमें सरी प्रक्रिया हो चूकी है।
हरिकेश्वर लकड़ा
राजस्व अधिकारी

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