प्रदेश की जनता के लिए उम्मीदों के नायक बने- ओपी चौधरी

ब्रह्मोस न्यूज रायगढ़। 65 हजार वोटो से मिली जीत का सुखद परिणाम धीरे धीरे रायगढ़ विधान सभा में सामने आ रहा। एक वर्ष पहले 9 अक्टूबर को जब रायगढ़ विधान सभा से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी ओपी चौधरी की टिकट फाइनल हुई तब से कांग्रेस सहित उनके विरोधी उनकी क्षमता पर सवालिया निशान लगाते रहे। हालांकि प्रायोजित तरीके से उनके खिलाफ दुष्प्रचार आज भी अनवरत जारी है।

हर पल जनता के लिए जीने मरने वाले नेताओं की प्राथमिकता में निजी कार्य की बजाय जन हित के कार्यों शामिल होते है। जनहित के कार्यों को अधिक तवज्जो दे रहे है। छग के राजनैतिक इतिहास में ओपी पहले ऐसे नायक है जो स्वहित की बजाय जनहित के कार्यों को अधिक तवज्जो दे रहे है। ये राजनीति में एक नई परिपाटी की शुरुआत है। अब तक नेताओं से जुड़े विशेष लोगों का भला होता आया अब जनता का भला होने के युग की शुरुआत है। चुनाव जीतने के एक बरस में ओपी चौधरी ने रायगढ़ विधान सभा में विकास कार्यों की बाढ़ ला दी। छग गठन के 24 बरस में रायगढ़ विधान सभा में जितने विकास कार्य स्वीकृति नहीं हुए। उससे अधिक कार्य पिछले एक बरस में स्वीकृति किया जा चुके है। सबसे खास बात यह जितने भी कार्य स्वीकृत किए गए। इनके पूरा होने होने में तनिक भी संदेह नहीं है । चुनाव प्रचार के दौरान ओपी इस बात को प्रमुखता से बताते रहे कि कलेक्टर रहते उन्हें कार्य के प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी है ।ओपी की यही समझ सभी विकास कार्यों के बाधाओं को दूर करने में सहायक सिद्ध हो रही है। जोगी के तीन साल रमन के पंद्रह साल और बघेल के पांच सालो में जो एक कॉकस घेरा बना हुआ था । उसे तोड़ पाना हर किसी के बस की बात नहीं थी । विष्णु देव साय सरकार के लिए मोदी की गारंटी को पूरा करना इस लिए चुनौती पूर्ण था। क्योंकि सरकार का खजाना खाली मिला। ओपी को खाली खजाने की चाबी मिली। बतौर वित्त मंत्री अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन से उन्होंने जीएसटी संग्रहण में वृद्धि की। भ्रष्ट माफियाओं पर नकेल कसी। ओपी की कार्यशैली से जिन्हें नाराजगी है। उनमें माफिया दारुबाज शामिल है। आम जनता इस बात को समझती है कि लोग जितने परेशान होंगे। आम जनता का उतना भला होगा।ओपी प्रदेश के लिए उम्मीदों के नायक बने है। जन हित के कामों के लिए उनका जज्बा उनकी कार्यशैली राजनीति के इतिहास में एक मिल का पत्थर साबित हो गयी।



